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हिंदू धर्म में अन्न दान को श्रेष्ठ दान माना जाता है। इसलिए भंडारे में भोजन बनाकर लोगों को बांटा जाता है। धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो भंडारा करवाकर न केवल हम दूसरों को अन्न प्रदान करते हैं, बल्कि इससे हमें भी आत्मिक संतुष्टि मिलती है। अन्न का दान करने से हमारे पितृ भी प्रसन्न होते हैं और उनकी आत्मा को भी संतुष्टि प्राप्त होती है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार, हम जिन चीजों का दान करते हैं और जितनी मात्रा में दान करते हैं, उतना ही हमें परलोक में प्राप्त होता है। इसलिए हिंदू धर्म में ज्यादा से ज्यादा मात्रा में अन्न का दान करने को कहा जाता है। भंडारा करवाने के पीछे भी यही वजह है कि मृत्युलोक में किया गया अन्न दान हमारे पूर्वजों और हमारी आत्मा को संतुष्टि दे।
पद्म पुराण में वर्णित है कि राजा स्वेत मृत्यु के बाद जब परलोक पहुंचे तो उन्हें भोजन प्राप्त नहीं हो पाया था। राजा स्वेत विदर्भ क्षेत्र के राजा थे और उनके राज्य में अन्न-धन की कोई कमी नहीं थी। हालांकि परलोक में उन्हें मांगने पर भी भोजन प्राप्त नहीं हुआ। अंत में थक हारकर राजा ब्रह्मा जी के पास पहुंचे और उनसे इसके पीछे का कारण पूछा।
तब ब्रह्मा जी बोले कि आप भले ही राजा रहे हों लेकिन आपने कभी जरूरतमंद लोगों को भोजन नहीं करवाया। अन्न का कभी दान नहीं किया, इसलिए आपको मृत्यु के बाद अन्न प्राप्त नहीं हो पा रहा है। राजा को अपनी भूल का पता चला तो उन्होंने अपनी भावी पीढ़ियों के स्वप्न में जाकर भंडारा और अन्नदान करने को कहा। और अन्नदान के महत्व को समझाया। माना जाता है कि तब से ही भंडारा करने की प्रथा का आरंभ हुआ।
माना जाता है कि जब भी आपके घर में कोई धार्मिक अनुष्ठान होता है, उसके बाद भंडारा करवाया जाना चाहिए। धार्मिक और मांगलिक अनुष्ठान के बाद भंडारा करवाने से किया गया कार्य सफल हो जाता है। साथ ही अन्नदान का पुण्य भी प्राप्त होता है।
भंडारा करवाने से और जरूरतमंद लोगों को भोजन करवाने से आपको ईश्वर का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। और साथ ही जीवन में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
ॐ साईं राम • जय माँ शाकुम्भरी 🙏
Om Sai Ram Charitable Trust, Roorkee द्वारा संचालित
"अन्नदान से बड़ा कोई दान नहीं"
आप अपने शुभ अवसर जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, पुण्यतिथि आदि पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारा प्रायोजित कर सकते हैं।
श्रद्धालुओं के लिए पूरे दिन भोजन सेवा की जाती है।
सभी व्यवस्था (भोजन, हलवाई, सफाई आदि) स्वयं द्वारा की जाएगी।
| श्रद्धालु | खर्च |
|---|---|
| 100 | ₹15k - ₹25k |
| 200 | ₹25k - ₹40k |
| 500 | ₹60k - ₹1L |
| 1000 | ₹1.2L - ₹2L |
Bank: State Bank of India
Branch: Ram Nagar, Roorkee
A/C: 34667874504
IFSC: SBIN0003772
📞 9759033044
📧 parmideviaashrm@gmail.com
ॐ साईं राम • जय माँ शाकुम्भरी 🙏
परमी देवी आश्रम शाकुम्भरी देवी में आपका हार्दिक स्वागत है। यदि आप शाकुम्भरी देवी के दर्शन के लिए आ रहे हैं, तो हमारे स्वच्छ एवं आरामदायक कमरों, प्रसाद सेवा और भंडारा व्यवस्था का लाभ उठाएँ। हमारा उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु को सुविधाजनक आवास, आत्मीय सेवा और आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करना है।
आज ही हमसे संपर्क करें और अपने प्रवास की योजना बनाएं।
माता शाकुम्भरी देवी रोड, इंदरपुर तलारा, उत्तर प्रदेश – 247121