preloader
+91 9759033044 omsairam.roorkee@gmail.com Mata Shakumbhari Devi Rd, Inderpur Talara, Uttar Pradesh 247121
Volunteer
Home About Us Our Services Prasad & Bhandara Gallery Contact Us

भंडारा करवाने का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में अन्न दान को श्रेष्ठ दान माना जाता है। इसलिए भंडारे में भोजन बनाकर लोगों को बांटा जाता है। धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो भंडारा करवाकर न केवल हम दूसरों को अन्न प्रदान करते हैं, बल्कि इससे हमें भी आत्मिक संतुष्टि मिलती है। अन्न का दान करने से हमारे पितृ भी प्रसन्न होते हैं और उनकी आत्मा को भी संतुष्टि प्राप्त होती है। पौराणिक शास्त्रों के अनुसार, हम जिन चीजों का दान करते हैं और जितनी मात्रा में दान करते हैं, उतना ही हमें परलोक में प्राप्त होता है। इसलिए हिंदू धर्म में ज्यादा से ज्यादा मात्रा में अन्न का दान करने को कहा जाता है। भंडारा करवाने के पीछे भी यही वजह है कि मृत्युलोक में किया गया अन्न दान हमारे पूर्वजों और हमारी आत्मा को संतुष्टि दे।


पौराणिक कथा – ऐसे शुरू हुई भंडारा करवाने की प्रथा

पद्म पुराण में वर्णित है कि राजा स्वेत मृत्यु के बाद जब परलोक पहुंचे तो उन्हें भोजन प्राप्त नहीं हो पाया था। राजा स्वेत विदर्भ क्षेत्र के राजा थे और उनके राज्य में अन्न-धन की कोई कमी नहीं थी। हालांकि परलोक में उन्हें मांगने पर भी भोजन प्राप्त नहीं हुआ। अंत में थक हारकर राजा ब्रह्मा जी के पास पहुंचे और उनसे इसके पीछे का कारण पूछा।

तब ब्रह्मा जी बोले कि आप भले ही राजा रहे हों लेकिन आपने कभी जरूरतमंद लोगों को भोजन नहीं करवाया। अन्न का कभी दान नहीं किया, इसलिए आपको मृत्यु के बाद अन्न प्राप्त नहीं हो पा रहा है। राजा को अपनी भूल का पता चला तो उन्होंने अपनी भावी पीढ़ियों के स्वप्न में जाकर भंडारा और अन्नदान करने को कहा। और अन्नदान के महत्व को समझाया। माना जाता है कि तब से ही भंडारा करने की प्रथा का आरंभ हुआ।


क्यों करवाना चाहिए भंडारा?

माना जाता है कि जब भी आपके घर में कोई धार्मिक अनुष्ठान होता है, उसके बाद भंडारा करवाया जाना चाहिए। धार्मिक और मांगलिक अनुष्ठान के बाद भंडारा करवाने से किया गया कार्य सफल हो जाता है। साथ ही अन्नदान का पुण्य भी प्राप्त होता है।

भंडारा करवाने से और जरूरतमंद लोगों को भोजन करवाने से आपको ईश्वर का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है। और साथ ही जीवन में सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।

अन्नदान – सबसे बड़ा धर्म

ॐ साईं राम • जय माँ शाकुम्भरी 🙏

🌸 परमी देवी धर्मशाला एवं आश्रम

Om Sai Ram Charitable Trust, Roorkee द्वारा संचालित

अन्नदान महादान – सेवा का पावन अवसर

"अन्नदान से बड़ा कोई दान नहीं"

आप अपने शुभ अवसर जैसे जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ, पुण्यतिथि आदि पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारा प्रायोजित कर सकते हैं।

भंडारा प्रायोजन
सहयोग राशि: ₹11,000/-

श्रद्धालुओं के लिए पूरे दिन भोजन सेवा की जाती है।

🍛 मेन्यू
  • पूड़ी, आलू, कद्दू, हलवा
  • या कढ़ी-चावल + पेयजल
आपके नाम की घोषणा श्रद्धापूर्वक की जाएगी।
स्वयं भंडारा व्यवस्था
हॉल किराया: ₹8,100/-

सभी व्यवस्था (भोजन, हलवाई, सफाई आदि) स्वयं द्वारा की जाएगी।

📊 अनुमानित खर्च
श्रद्धालु खर्च
100₹15k - ₹25k
200₹25k - ₹40k
500₹60k - ₹1L
1000₹1.2L - ₹2L
सहयोग राशि विवरण

Bank: State Bank of India

Branch: Ram Nagar, Roorkee

A/C: 34667874504

IFSC: SBIN0003772

QR Code
भुगतान के बाद जानकारी भेजें

📞 9759033044

📧 parmideviaashrm@gmail.com

🌺 आपका सहयोग – सेवा का माध्यम

ॐ साईं राम • जय माँ शाकुम्भरी 🙏

अपनी यात्रा को आरामदायक और यादगार बनाएं

परमी देवी आश्रम शाकुम्भरी देवी में आपका हार्दिक स्वागत है। यदि आप शाकुम्भरी देवी के दर्शन के लिए आ रहे हैं, तो हमारे स्वच्छ एवं आरामदायक कमरों, प्रसाद सेवा और भंडारा व्यवस्था का लाभ उठाएँ। हमारा उद्देश्य प्रत्येक श्रद्धालु को सुविधाजनक आवास, आत्मीय सेवा और आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करना है।

आज ही हमसे संपर्क करें और अपने प्रवास की योजना बनाएं।

|| कांवड़ भंडारा ||

कांवड़ सेवा एवं भंडारा स्थल

माता शाकुम्भरी देवी रोड, इंदरपुर तलारा, उत्तर प्रदेश – 247121